रोजाना का पोषण कैसे पूरा करें बिना सप्लीमेंट के? (Pure Indian Diet)

Indian Council of Medical Research (ICMR) के द्वारा भारतीय आहार मे किए गए रिसर्च के मुताबिक वर्तमान समय मे भारतीय डाइट पोषण से समृद्ध नहीं हो सकता है अगर उसे सही से बैलेंस किया न जाए क्योंकि भारत मे एक बड़ी आबादी ज्यादा से ज्यादा चावल या रोटी थोड़ा बहुत सब्जी या दाल के साथ खाते है और यह खाना बैलेंस नहीं हो सकता है इसमें काफी सारी कमियां हो सकती है सबसे पहले बात यह डाइट काफी हद तक कार्ब यानि कार्बोहाईड्रेट से भरा हुआ हो सकता है जिसमे की थोड़ा बहुत प्रोटीन हो सकता है और साथ मे थोड़ी बहुत विटामिंस और मिनरल्स। जो भी बहुत ही कम मात्रा मे है लंबे समय तक केवल कार्ब-डॉमिनेंट डाइट लेने से पोषण की कमी हो सकती है।

लेकिन इसमे उदास होने की कोई बात नहीं है इंडियन डाइट मे ऐसे की सारी चीजे है जिससे की रोजाना के समस्त पोषण को पूरा कर सकते है हमें बस उसमे कुछ सुधार करने की जरूरत है और थोड़े से चीजों को बदलने की जरूरत है जिसके बाद हम हमारे घर के बने भारतीय खाने को पोषण युक्त बना सकते है इस लेख मे मैं इसी विषय मे समस्त जानकारी प्रदान करेंगे और जानेंगे की कैसे व्यक्ति अपने जरूरत अनुसार रोजाना का पोषण Pure Indian Diet से पूरा कर सकते है।

शरीर के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्व कौन से है और भारतीय डाइट मे किस फूड से मिलेंगे?

बिना किसी सप्लीमेन्ट इंडियन डाइट से सभी पोषक तत्वों को पूरा करने के बारे मे जानने के लिए हमें यह समझना होगा की शरीर के लिए कौन कौन से जरूरी पोषक तत्व है और यह किस किस फूड आइटम से शरीर को प्राप्त होते है –

कार्बोहाईड्रेट

World Health Organization (WHO) के सामान्य पोषण दिशानिर्देशों के अनुसार शरीर की ऊर्जा का मुख्य साधन लगभग 45 से 65 प्रतिशत कार्ब्स ही हो सकता है यह व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है, शरीर को मुख्य एनर्जी इसी से मिलती है। आप जो भी काम करते है उसमे एनर्जी लगती है वह एनर्जी शरीर कार्ब के माध्यम से प्राप्त करता है एक तरह से यह शरीर का फ्यूल हो सकता है। रोटी, चावल, आलू, फल, अनाज इत्यादि सब कार्बस के साधन हो सकते है।

प्रोटीन

National Institutes of Health (NIH) के अनुसार शरीर की मांसपेशियों से लेकर, स्किन नाखून, बाल, सभी के मैनेजमेंट और उन्हे ग्रो, रिपेर करने के लिए प्रोटीन की आवश्यकता होती है यह इनका मुख्य तत्व हो सकता है निर्माण के लिए। दूध, पनीर, मछली, अंडा, दाल, चिकन ये सब प्रोटीन के अच्छे साधन हो सकते है।

फैटस

शरीर के हार्मोन को मेंनटेन करने के लिए हेल्थी फैटस जरूरी हो सकते है और जब शरीर को अतिरिक्त एनर्जी की जरूरत होती है तब शरीर फैटस को ही एनर्जी की तरह इस्तेमाल कर सकता है। बादाम काजू जैसे नट्स, घी सरसों तेल ये सभी फैटस के साधन हो सकते है।

विटामिंस

शरीर की अलग अलग तरह के कार्यों के लिए विटामिन A B C D E K इत्यादि काफी जरूरी होता है एवं शरीर को सही तरीके से कार्य करने के लिए विटामिंस शरीर के लिए बेहद आवश्यक हो सकते है। खीरा, गाजर, पालक, सभी तरह की सब्जिया, नट्स और सभी तरह के फल विटामिंस से भरपूर हो सकते है।

मिनरल्स

शरीर के लिए मिनरल्स काफी अहम हो सकते है इसमे काफी सारे मिनरल्स जैसे जिंक, आयरन कैल्शियम, मैग्नीशियम इत्यादि आते है जिन सब का अलग अलग काम होता है जैसे आयरन हीमोग्लोबिन बनाने में मदद कर सकता है, वही पर जिंक शरीर के ग्रोथ, रीपैर इत्यादि मे मदद करती है इसी तरह हर एक मिनरल्स का अलग काम हो सकता है। मिनरल्स अक्सर प्रोटीन कार्बस और विटामिंस के लिए खा रहे फूड मे मिल सकता है जैसे दूध मे कैल्शियम मिल जाता है, अंडे और पालक मे आयरन मिल जाता है, नट्स, पंपकिन सीड मानस इत्यादि से शरीर को जिंक मिल सकता है।

रोजाना पोषण कैसे पूरा करे?

इंडियन डाइट से अपने रोज को पोषण को पूरा करने के लिए सबसे पहले आपको बैलेंस मिल को समझना होगा, बैलेंस मील उसे कहते है जिसमे प्रोटीन, फैटस, कार्बस और विटामिंस मिनरल्स पर्याप्त मात्रा मे उपलब्ध हो, इसी तरह से आप जब भी खाना कहा रहे हो जैसे ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर सभी मील बैलेंस होना चाहिए जिसमे की सभी चीजे बैलेंस होनी चाहिए, तब जाकर हम इंडियन डाइट से रोज के पोषण को पूरा कर पाएंगे इसे अच्छी तरह से समझते है।

भोजन का 50 प्रतिशत आना चाहिए कार्बोहाईड्रेट से

आप जो भी खा रहे है उस भोजन का 50 प्रतिशत फूड्स ऐसे चीजो से भरा होना चाहिए हो सकता है जो कि प्रत्येक व्यक्ति विशेष के हिसाब से अलग हो सकता है। जिसमे कार्बोहाईड्रेट हो सामान्य पोषण दिशानिर्देशों के अनुसार यानि भोजन का 50 प्रतिशत हिस्सा कार्बस् वाले फूड्स से भरा हो सकता वह भी कॉम्प्लेक्स कार्बस जिसमे बाजरा, गेहूं, रागी, भूरे चावल जैसी चीजे आती है, इसके अलावा मीठे आलू, सभी तरह की लोकल और सीजनल सब्जीया, फल इन सब मे भी कार्बस् मौजूद हो सकते है इनको भी अधिक मात्रा मे अपने खाने के प्लेट मे शामिल करना चाहिए इनसे कार्बस् मिलेंगे और साथ मे भरपूर विटामिंस और मिनरल्स भी मिलेंगे।

बाकी बचे हुए 20 से 30 प्रतिशत प्रोटीन से

प्रोटीन मसल मास के लिए, शरीर के रिपेर के लिए और शरीर के ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी होता है इसीलिए भोजन का 20 से 30 प्रतिशत प्रोटीन से आना चाहिए यह भी व्यक्ति विशेष इत्यादि पर निर्भर करता है, सामान्य पोषण दिशानिर्देशों के अनुसार शाकाहारी लोग प्रोटीन के लिए दूध, दही, पनीर, दाल, सोयाबीन बड़ी ये सभी चीजे अपने खाने मे शामिल कर सकते है वही पर मांसाहारी लोग इसके लिए अंडे, चिकन, मांस, मछली इत्यादि खा सकते है यहाँ से कुछ विटामिंस और काफी सारे मिनरल्स भी मिल सकते है शरीर को।

अंत मे बचे हुए 20 प्रतिशत स्वस्थ वसा से

बचे हुए 20 प्रतिशत स्वस्थ वसा से आने चाहिए जो कि व्यक्ति विशेष पर भी निर्भर करता है। सामान्य पोषण दिशानिर्देशों के अनुसार यह भी शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है हेल्थी वसा काफी सारे इंडियन फूड आइटम मे मौजूद होते सकते है जैसे घी, सरसों का तेल, दही, मूंगफली, बादाम, काजू, अखरोट जैसे नट्स और मांसाहारी मे मछली, अंडे ये कुछ फूड्स है हेल्थी वसा के लिए और इनसे शरीर के लिए आवश्यक विटामिंस और मिनरल्स भी प्राप्त हो सकते है इसीलिए अलग से विटामिंस, मिनरल्स के लिए और कुछ खाने की जरूरत नहीं पड़ सकती है।

उदाहरण

अब हम जान तो गए की कौन से भारतीय फूड्स मे कौन से चीजे होती है हमें यह जानना है की हम अपने खाने के प्लेटस मे फूड्स को किस तरह से रख सकते है जिसके की वह पोषक तत्वों से भरपूर हो एवं बैलेंस्ड हो –

  1. तो सबसे पहले एक खाने की प्लेट मे मल्टीग्रेन आटे (एक से अधिक अनाजों का आटा) की 2 रोटी हो।
  2. उसके बाद उसमे शिमला मिर्च, गाजर जैसे मिक्स पकी हुई सब्जी हो कम से कम 200 ग्राम।
  3. अब प्रोटीन के लिए इसमे 3 अंडे या अगर वेज है तब 110 ग्राम पनीर शामिल कीजिए।
  4. वही पर साथ मे कोई सा भ एक फल जैसे अमरूद/पपीता इत्यादि भी इसमे शामिल कीजिए।
  5. साथ मे हेल्थी फैटस के लिए रोटी या सब्जी मे 1 चम्मच घी लगा लीजिए।

हर व्यक्ति विशेष की जरूरत अलग हो सकती है और व्यक्ति विशेष के हिसाब से ही यह तय होता है कि उसे क्या चीजें खाना अधिक फायदेमंद हो सकता है इस पर व्यक्ति का न्यूट्रीशनिस्ट सही चीजें प्रदान कर सकता है।

तो यह एक बैलेंस्ड और पोषक तत्वों से भरपूर एक इंडियन थाली मौजूद है इसी तरह से अपना खाने प्लेट रखे, आप अपने हिसाब से फूड्स मे बदलाव भी कर सकते है कैल्शियम के लिए हर दिन के खाने मे दूध दही जरूर शामिल करे यहाँ पर पनीर से भी अच्छा खासा कैल्शियम मिल जाता है, वही पर विटामिन डी के लिए कुछ मिनट्स धूप में रहना कुछ लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है।।

Disclaimer – इस वेबसाइट पर दी गई स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से दी गई है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी आहार, व्यायाम, दवा या सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले कृपया योग्य डॉक्टर या हेल्थ प्रोफेशनल से सलाह अवश्य लें।

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