स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में पर्याप्त और स्थिर ऊर्जा होना जरूरी हो सकता है, क्योंकि इससे हम अपने काम और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। वर्तमान समय में कई लोग तुरंत ऊर्जा ध्यान बढ़ाने के लिए चाय या कॉफी का सेवन करते हैं।
इनमे मौजूद कैफीन अस्थायी रूप से सतर्कता बढ़ा सकता है, लेकिन इसका प्रभाव सीमित समय तक ही हो सकता है। प्रभाव समाप्त होने के बाद कुछ लोगों को दोबारा थकान या सुस्ती महसूस हो सकती है। यहाँ तक मै भी इनका सेवन करने लगा था क्योकि मै भी एक डेस्क जॉब करने वाला आदमी हूँ और अक्सर Afternoon के बाद मुझे भी एनर्जी की कमी महसूस होती थी जिसमें इन आदतों ने मेरे एनर्जी स्तर को संतुलित रखने में मददगार साबित हुआ।
इसलिए लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने के लिए हमें अपने जीवन शैली को सुधारना आवश्यक हो सकता है यही रिसर्च आधारित स्वस्थ आदतें जो वाकई में जीवनशैली को सुधारने में मदद कर सकती है यहां पर जानेंगे और समझेंगे।
कौन सी रिसर्च-आधारित आदते नेचुरली एनर्जी बढ़ाने में मदद कर सकती है?
अगर हम सही ढंग से अपने जीवनशैली में झांक कर देखे तो आप मेरी तरह कुछ खराब आदतें देख पाएंगे जिन्हें समय रहते सुधारे तो आप अपने दैनिक एनर्जी के स्तर में सुधार कर सकते है क्योंकि रिसर्च जिनके बारे में मैने आगे अच्छे से बतलाया है उनके मुताबिक एक अच्छी जीवन शैली की आदतें एनर्जी स्तर को संतुलित रखती है जिससे हमें अपने जीवन के सभी आवश्यक कार्यों के लिए पर्याप्त एनर्जी के स्तर बने रहने में मदद मिल सकती है।
एक बैलेंस डाइट
रिफाइंड और असंतुलित हाई कार्ब डाइट से कुछ लोगों में एनर्जी क्रैश देखा गया है क्योंकि हाई रिफाइंड कार्ब डाइट अक्सर ब्लड शुगर लेवल को काफी तेजी से स्पाइक कर सकता है जिस वजह से लो एनर्जी महसूस होना देखा गया है लेकिन वही पर अगर हम खाने मे प्रोटीन, हेल्थी फैटस और कॉम्प्लेक्स कार्ब को पर्याप्त मात्रा मे शामिल किया जाता है तब इससे खाने के बाद हमें लंबे समय तक एक सामान एनर्जी मिलती रह सकती है और एनर्जी क्रैश होने की संभावना कम हो सकती है।
खाने के हर एक मील को कार्बस, प्रोटीन और फैटस को बैलेंस रख सकते है, जिससे की लंबे समय के लिए एनर्जी मिलती रहेगी, इस पर कुछ रिसर्च जैसे Appetite नामक जनरल में Subjective mood and energy levels of healthy weight and overweight/obese healthy adults on high- and low-glycemic load experimental diets (2016) में पब्लिश Randomised Control Feeding Study (लिंक) के रिसर्च मे यही पाया गया की प्रोटीन, हेल्थी फैटस और कॉम्प्लेक्स कार्ब से एक बैलेंस मील लेने से व्यक्ति विशेष में लंबे समय तक एनर्जी बिना क्रैश के बनी रहती है।
व्यायाम (Exercise)
कई वैज्ञानिक अध्ययनों में यह पाया गया है की व्यायाम करना शरीर के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद है वही पर दिनभर एनर्जी से भरपूर रहने के लिए व्यायाम को अपने दैनिक आदतों मे शामिल कर सकते है जी हाँ संतुलित रूप में एक्सरसाइज़, योगा, होम वर्काउट इत्यादि करने पर शरीर का एनर्जी स्तर में सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है जो प्राकृतिक तौर पर एनर्जी स्तर बढ़ा सकता है विशेषज्ञों और रिसर्च के अनुसार। ऑफिस वर्कर्स और स्टूडेंट्स के लिए हल्का Walk करना, स्ट्रेचिंग या घर में ही Short Duration Exercise करना फायदेमंद साबित हो सकता है।
Frontiers in Psychology नामक जर्नल में प्रकाशित “The Effect of Chronic Exercise on Energy and Fatigue States: A Systematic Review and Meta-Analysis of Randomized Trials (2022) के रिसर्च के मुताबिक एक सीमित मात्रा मे व्यायाम करने से शरीर का एनर्जी का स्तर बढ़ सकता है एवं यह थकान को कम करने मे भी काफी हद तक मदद कर सकता है इसी वजह से एक सही मात्रा में व्यायाम को जीवनशैली में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
सुबह धूप (Sun Exposure)
विशेषज्ञों एवं रिसर्च के मुताबिक सुबह के समय धूप में संतुलित समय के लिए रहना फायदेमंद हो सकता है क्योंकि एक संतुलित मात्रा में धूप शरीर के विटामिन डी प्रोडक्शन को बढ़ा सकता है जो कि स्किन कलर जैसे अनेक कारकों पर भी निर्भर हो सकता है जिससे शरीर की एनर्जी मे काफी हद तक सुधार देखा गया है रिसर्च में।
Environmental Health Perspectives नामक जर्नल में प्रकाशित Benefits of Sunlight : A Bright Spot for Human Health (2008) नामक वैज्ञानिक समीक्षा लेख के मुताबिक धूप लेने से शरीर में विटामिन डी में सुधार हो सकता है जो मानसिक स्वास्थ्य एवं इम्यूनिटी के लिए जरूरी हो सकता है एवं यह वैज्ञानिक समीक्षा लेख के मुताबिक ज्यादा धूप लेने से नुकसान भी होने की संभावना होती है इसीलिए संतुलन बनाए रखना जरूरी हो सकता है।
पर्याप्त मात्रा मे पानी पीना
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार शरीर को स्वस्थ्य रखने मे पानी का बेहद महत्वपूर्ण योगदान होता है शरीर मे पोषक तत्वों के अवशोषण मे पानी एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। Nutrition Reviews नामक जर्नल में प्रकाशित Water, Hydration and Health (2010) के वैज्ञानिक समीक्षा के मुताबिक शरीर में पानी की कमी मूड और ध्यान को प्रभावित कर सकती है एवं थकान भी बढ़ा सकती है।
इसीलिए पर्याप्त मात्रा मे पानी पीना अपने दैनिक जीवन के स्वास्थ्य आदतों मे शामिल करना फायदेमंद हो सकता जिससे नेचरली एनर्जी शरीर मे बने रहने में मदद मिल सकती है।
अच्छी नींद लेना
पर्याप्त मात्रा मे नींद लेना सबसे बेहतरीन आदतों मे से एक है क्योंकि नींद का सीधा असर हमारी स्वास्थ्य से जुड़ा होता है क्योंकि शरीर के रिपेर का कार्य नींद मे ही होता है एक अच्छी और गुणवत्ता पूर्ण नींद लेने से हम अच्छे से दिनभर एनर्जी से भरपूर महसूस करते है एवं इससे काम पढ़ाई इत्यादि पर अच्छे से फोकस कर पाते है यहाँ तक American Academy of Sleep Medicine (AASM) में प्रकाशित Sleep is essential to health: an American Academy of Sleep Medicine position statement 2021 की पोजीशन स्टेटमेंट के मुताबिक पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद मानसिक स्वास्थ्य और सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकती है।
Disclaimer – इस वेबसाइट पर दी गई स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से दी गई है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी आहार, व्यायाम, दवा या सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले कृपया योग्य डॉक्टर या हेल्थ प्रोफेशनल से सलाह अवश्य लें।
गजेन्द्र महिलांगे एक Health & Wellness Blogger हैं। उन्होंने BA की पढ़ाई कर रहे है और पिछले 3 वर्षों से स्वास्थ्य, फिटनेस और पोषण से जुड़े विषयों पर रिसर्च और अपने अनुभव आधारित कंटेंट लिख रहे हैं।
वे PubMed, WHO, NIH, NIN जैसे भरोसेमंद वैज्ञानिक स्रोतों से जानकारी लेकर उसे अपने व्यक्तिगत अनुभव के साथ सरल और समझने योग्य भाषा में पाठकों तक पहुँचाते हैं। उनका लक्ष्य है कि पाठकों को सही, वैज्ञानिक और उच्च-गुणवत्ता की जानकारी मिले, ताकि वे अपने स्वास्थ्य से जुड़े बेहतर फैसले ले सकें।
डिस्क्लेमर – गजेन्द्र महिलांगे कोई डॉक्टर नहीं हैं, यह एक Nutrition Blogger हैं।