क्या आपको पता है की प्रोटीन उपलब्धता के मामले मे भारत अमीर देशो के मुकाबले पीछे है की सारे अलग अलग सर्वे यह बताते है कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सर्वे बताते हैं कि भारत की कुछ आबादी पर्याप्त प्रोटीन नहीं ले पा रही है रिसचर्स बताते है की इसके कई कारण हो सकते है जैसे भारतीय खाना कार्बस् से भरपूर हो सकता है, लोगों को प्रोटीन और पोषण की उचित जानकारी न होना, प्रोटीन भारत में एक महंगा पोषक तत्व हो सकता है, अधिक नॉन वेज न खाने वाली जनसंख्या का होना एवं भारत मे मौजूद कम प्रति व्यक्ति आय भी एक कारण हो सकती है।
इसके पीछे एक कारण यह भी हो सकता है की लोगों मे प्रोटीन को लेकर जागरूकता कम होना क्योंकि जब लोगों को पता चल जाएगा की प्रोटीन हमारे शरीर के लिए कितना आवश्यक हो सकता है तब वे खुद ब खुद ही इसकी आवश्यकता को समझ सकते है, इस लेख मे हम स्टडी या सर्वे के आधार पर जानेंगे की अन्य देशों के लोग या आर्थिक रूप से मजबूत देशों के लोग कितना प्रोटीन लोगो के लिए उपलब्ध है जिससे आपको इसके बारे मे थोड़ा अंदाजा हो जाएगा।
अमीर देशों के लोगो के लिए प्रोटीन की उपलब्धता?
भारत में कई प्रोटीन-समृद्ध खाद्य पदार्थ आम भोजन की तुलना में महंगे पड़ते हैं, जिससे इनकी उपलब्धता सीमित हो जाती है Indian Council of Medical Research (ICMR) और National Institute of Nutrition (NIN) 2020 के रिपोर्ट के मुताबिक आज भारत की कुछ प्रतिशत आबादी पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नही ले पा रही है वही पर अक्सर अमीर देशों मे प्रोटीन की उपलब्धता अधिक है एक आम या फिर औसत व्यक्ति के लिए। यहाँ पर सबसे पहले यह जानेंगे की सबसे अमीर देशों मे एक औसत व्यक्ति के लिए Protein Supply कितना है जो की पूरी तरह से सर्वे या रिसर्च बेस्ड होगा।
यहाँ पर हम डेटा के आधार पर यह जानकारी जानने वाले है इसलिए आपको बता दे की यह प्रत्येक देश का औसत प्रोटीन Supply होगा, यानि देश के एक औसत व्यक्ति के लिए उपलब्ध प्रोटीन मात्रा होगी।
1. यूनाइटेड स्टेटस ऑफ अमेरिका
यूनाइटेड स्टेटस ऑफ अमेरिका पूरी दुनिया का सबसे अमीर देश है वही पर यह एक विकसित देश होने के नाते यहाँ के लोगो को अक्सर हेल्थ और नूट्रिशन बेसिक जानकारी होती है ऐसे मे यहाँ की औसत प्रोटीन Supply 121 ग्राम है ourworldindata.org के 2022 के डेटा के मुताबिक अर्थात एक औसत व्यक्ति के लिए यूनाइटेड स्टेटस ऑफ अमेरिका मे 121 ग्राम प्रोटीन दैनिक स्तर पर उपलब्ध है।
यहाँ पर प्रोटीन के साधन अधिकतर अंडे, अलग अलग तरह के मांस, मिल्क, व्हे जैसी चीजे है जो की उच्च गुणवत्ता का प्रोटीन प्रदान करता है।
2. आईसलैंड
आईसलैंड यूरोप मे मौजूद एक ठंडा देश है जहां पर वर्ष के अधिकतर समय मे अच्छी खासी ठंड होती है ऐसे मे ourworldindata.org के 2022 के डेटा के मुताबिक यहाँ पर एक औसत व्यक्ति के लिए दैनिक स्तर पर उपलब्ध प्रोटीन की मात्रा 147 ग्राम है जो की काफी अच्छी खासी हो सकती है क्योंकि यहाँ के लोग माँस को अपने दैनिक भोजन का एक बड़ा हिस्सा मानते है और यहाँ पर प्रोटीन का एक बड़ा साधन भी सभी तरह का माँस ही है।
3. लक्ज़मबर्ग
आपको शायद पता न हो लेकिन GDP per capita के हिसाब से लक्ज़मबर्ग दुनिया का सबसे अमीर देश है अर्थात इस देश का एक औसत व्यक्ति दुनिया के एक औसत व्यक्तियों मे से सबसे अमीर है वही पर यहाँ पर दैनिक स्तर पर प्रोटीन Supply एक औसत व्यक्ति के लिए 116 ग्राम है जो की अमीर देश होने के नाते काफी अच्छा है वही यहाँ पर भी प्रोटीन के साधनों के लिए अलग अलग तरह के माँस ही मुख्य साधन होते है।
4. ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया बाकी क्वालिटी ऑफ लाइफ के मामले मे सुमर टॉप देशों मे शामिल है। यहाँ का GDP per Capita भी काफी अच्छा है इसी वजह से यह एक अमीर देशों मे से एक है यहाँ पर एक औसत व्यक्ति के लिए उपलब्ध प्रोटीन 116 ग्राम है ourworldindata.org के एक डेटा के मुताबिक, जो की एक व्यक्ति को अच्छा जीवन जीने के लिए काफी अच्छी मात्रा मे होता है।
5. कनाडा
कनाडा विकसित देशों की सूची मे शामिल है जहां पर क्वालिटी ऑफ लाइफ भी काफी अच्छी मानी जाती है यहाँ का एक औसत व्यक्ति की आय भी काफी अच्छी होती है एक तरह से कहे तो यहाँ पर जीवन ठीक ठाक है जो की काफी अच्छी खासी मानी जाती है वही पर अब बात करे की एक आम व्यक्ति के लिए उपलब्ध प्रोटीन की मात्रा तो वह ourworldindata.org के 2022 डेटा के मुताबिक 114 ग्राम है।
भारत मे कितना है?
भारत आज दुनिया का चौथा सबसे बड़ा अर्थव्ययस्था है लेकिन लोग पर्याप्त मात्रा प्रोटीन नही ले पा रही है या असमर्थ है जिस वजह से आज भारत की आबादी का काफी सारा हिस्सा पर्याप्त प्रोटीन नही ले पा रहे है जिसके पीछे हाँ कई कारण हो सकते है यहाँ पर एक औसत व्यक्ति के लिए उपलब्ध प्रोटीन की मात्रा मात्र 74 ग्राम है ourworldindata.org 2022 के अनुसार जो की अमीर देशों के मुकाबले काफी कम हो सकता है ।
इन सब का एक बड़ा कारण आर्थिक, सामजिक और Dietary pattern से जुड़े कारण हो सकते है एवं भारत की बड़ी आबादी का नॉन वेज न खाना भी हो सकता है क्योकि प्लांट आधारित डाइट में Planning की आवश्यकता होती है लेकिन हाँ सबका अपना व्यक्तिगत निर्णय हो सकता है।
निष्कर्ष
तो यह रही कुछ अमीर देशो में एक औसत व्यक्ति के लिए उपबल्ध प्रोटीन की मात्रा जिसमे हम देख सकते है की अमीर देशो या कुछ देशो में प्रोटीन की उपलब्धता अच्छी है उन देशो से अगर हम भारत को Compare करे तो भारत में प्रोटीन की उपलब्धता की कमी भी देख पायेंगे बाकि देशो के मुकाबले, मेरा प्रयास यहाँ पर आपको डेटा आधारित जानकारी प्रदान करना है।
Disclaimer – इस वेबसाइट पर दी गई स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से दी गई है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी आहार, व्यायाम, दवा या सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले कृपया योग्य डॉक्टर या हेल्थ प्रोफेशनल से सलाह अवश्य लें।
गजेन्द्र महिलांगे एक Health & Wellness Blogger हैं। उन्होंने BA की पढ़ाई कर रहे है और पिछले 3 वर्षों से स्वास्थ्य, फिटनेस और पोषण से जुड़े विषयों पर रिसर्च और अपने अनुभव आधारित कंटेंट लिख रहे हैं।
वे PubMed, WHO, NIH, NIN जैसे भरोसेमंद वैज्ञानिक स्रोतों से जानकारी लेकर उसे अपने व्यक्तिगत अनुभव के साथ सरल और समझने योग्य भाषा में पाठकों तक पहुँचाते हैं। उनका लक्ष्य है कि पाठकों को सही, वैज्ञानिक और उच्च-गुणवत्ता की जानकारी मिले, ताकि वे अपने स्वास्थ्य से जुड़े बेहतर फैसले ले सकें।
डिस्क्लेमर – गजेन्द्र महिलांगे कोई डॉक्टर नहीं हैं, यह एक Nutrition Blogger हैं।