प्रोटीन क्वालिटी पर एक व्यक्तिगत अवलोकन : दाल से लेकर एनिमल सोर्स तक

आज से कुछ वर्ष पहले मैं आप जैसा ही था जो दाल, चना जैसी चीजों को हाई क्वालिटी और सबसे बेहतरीन प्रोटीन का साधन मानता था जिस वजह से मैं इसे अपने डाइट में शामिल करता था ताकि मुझे अपने जिम और रोजमर्रा की जिंदगी में बेहतर रिजल्ट्स मिले, लेकिन जब मुझे रिजल्ट्स सामान्य ही और इतने अच्छे नहीं मिले तब मैने रिसर्च करना शुरू किया तब मुझे दाल, चना एवं सत्तू जैसी चीजों में प्रोटीन की असलियत का पता चला।

इस लेख में आपको यही बताऊंगा दाल, दूध, अंडों से लेकर मांस तक किस फूड्स में है असल में हाई क्वालिटी प्रोटीन मेरे अनुभव से एवं साथ में जो रिसर्च और स्टडी एवं वैज्ञानिक आधार पता किया उन सभी को भी इस लेख में मेंशन करूंगा जिससे कि आपको इन सब के बारे में से एक अलग नजरिया और एक अलग जानकारी मिल पाएगी जो आपके फिटनेस के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद कर सकती है।

नोट : यह लेख लेखक के व्यक्तिगत अनुभव और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध पोषण संबंधी शोध (जैसे DIAAS स्कोर और एमिनो एसिड प्रोफाइल) के आधार पर लिखा गया है। इसका उद्देश्य किसी खाद्य पदार्थ को अच्छा या खराब घोषित करना नहीं, बल्कि प्रोटीन की गुणवत्ता को समझाने के लिए शैक्षणिक जानकारी साझा करना है। व्यक्ति-विशेष के लिए परिणाम अलग हो सकते हैं।

दाल, दूध, अंडों से लेकर मांस तक किस फूड्स में है असल में हाई क्वालिटी प्रोटीन

जब मैने ऑनलाइन इन सभी प्रोटीन सोर्स का न्यूट्रीशन वैल्यू प्रत्येक 100ग्राम के अनुसार पता किया एवं अलग अलग रिसर्च और एक्सपर्ट्स के अनुसार पता किया तब मुझे ये पता चला कि तीन चीजें मिलकर किसी भी प्रोटीन सोर्स को हाई क्वालिटी या कम क्वालिटी वाली प्रोटीन सोर्स बनाती है।

1. कंप्लीट एमिनो एसिड प्रोफाइल

एक्सपर्ट्स और रिसर्च स्टडी के अनुसार मुझे यह पता लगा कि किसी भी भी प्रोटीन सोर्स को हाई क्वालिटी बनाने के लिए सबसे पहला कदम यह है कि उस प्रोटीन सोर्स में 9 आवश्यक एमिनो एसिड्स होने चाहिए जिसे शरीर खुद नहीं बना सकती है एवं सभी 9 आवश्यक एमिनो एसिड्स एक बैलेंस मात्रा में होनी चाहिए।

अब यहां पर मुझे यह पता चला कि एनिमल प्रोटीन सोर्स जैसे अंडा, दूध एवं दुग्ध से बने प्रदार्थ, मांस, मछली इत्यादि में 9 के 9 आवश्यक एमिनो एसिड्स पाए जाते है अर्थात यह कंप्लीट प्रोटीन माना जाता है वहीं पर प्लांट बेस्ड प्रोटीन सोर्स जैसे दाल, चने, रोटी इन सब में मौजूद प्रोटीन में 9 आवश्यक एमिनो एसिड्स नहीं पाए जाते है लेकिन सोयाबीन में मौजूद होता है।

इस जानकारी से मुझे यह समझ आया कि अधिकांश दालें, चने और सत्तू जैसे प्लांट-बेस्ड फूड्स में सभी 9 आवश्यक एमिनो एसिड्स संतुलित मात्रा में नहीं पाए जाते। हालांकि, ये खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं और अन्य प्रोटीन स्रोतों के साथ मिलकर उपयोगी भूमिका निभाते है।

2. प्रोटीन bioavailability या DIAAS स्कोर

जिसके बाद से मै सोचता था कि किसी भी प्रोटीन सोर्स में अगर पूरे 9 आवश्यक एमिनो एसिड्स है तो वह प्रोटीन सोर्स हाई क्वालिटी की माना जाएगा लेकिन यह एक गलतफहमी थी क्योंकि मुझे एक कड़वी चीज यह पता चली कि असल में प्रोटीन सोर्स का बायोअवेलिबिल्टी यानी कितना प्रतिशत प्रोटीन शरीर पर सही से इस्तेमाल हो पाता है यह भी भी एक आवश्यक पहलू होता है।

जिसे DIAAS के माध्यम से नापा जाता है Wikipedia के अनुसार DIAAS यानी Digestible Indispensable Amino Acid Score प्रोटीन का गुणवत्ता मापने की विधि होती है जिस प्रोटीन सोर्स का जितना हाई DIAAS स्कोर होगा, उस फूड में मौजूद प्रोटीन का उतना ही प्रतिशत शरीर इस्तेमाल कर पाएगा।

जिसके बाद जब मैने दाल, दूध अंडा और मांस का DIAAS स्कोर देखा तो मेरे लिए Surprising था क्योंकि जिस दाल को मैं प्रोटीन का सोर्स समझकर खा रहा था उसमें मौजूद प्रोटीन की क्वालिटी इतना अच्छा नहीं था। यहां पर देखिए Food Lable maker के अनुसार दूध का DIAAS स्कोर 1.14 से लेकर 1.16 है यह बताता है (114%) के आस पास जो कि काफी हाई है।

वही पर अंडा का भी DIAAS स्कोर 1.12 के आस पास है जो काफी हाई है अलग अलग प्रकार के मांस का भी यहां पर DIAAS स्कोर दिया गया है जो कि लगभग 1.00 से ऊपर ही है वहीं पर अब प्रकाशित डेटा के अनुसार, कुछ दालों का DIAAS स्कोर लगभग 0.70–0.75 के आसपास पाया गया है, जो मध्यम श्रेणी में आता है। इसका अर्थ यह है कि दालों में मौजूद प्रोटीन का एक हिस्सा शरीर द्वारा प्रभावी रूप से उपयोग किया जाता है, हालांकि इसकी तुलना में कुछ एनिमल-बेस्ड प्रोटीन स्रोतों का स्कोर अधिक पाया गया है।

3. लीन प्रोटीन सोर्स

मुझे भी आपकी तरह लीन प्रोटीन का मतलब नहीं पता था लेकिन जैसे जैसे फूड्स का न्यूट्रीशन वैल्यू चेक करना शुरू किया मुझे लीन प्रोटीन का मतलब समझ आ गया। अब अगर आपको लीन प्रोटीन का मतलब नहीं पता तो मैं बता दूं कि लीन प्रोटीन को आसान भाषा में समझता हूं।

किसी भी फूड में कार्ब्स, फैट और प्रोटीन का प्रतिशत या Ratio कितना है इससे ही लीन प्रोटीन फूड निर्धारित होता है ऐसे फूड्स जिसने कैलोरी अधिकतर प्रोटीन से ही आ रही हो एवं कार्ब्स फैट बहुत कम मात्रा में हो उसे लीन प्रोटीन कहा जाएगा जैसे चिकन ब्रेस्ट जिसमे कार्ब्स और फैट बहुत ही के होते है और फूड्स में मौजूद कैलोरिज का ज्यादातर हिस्सा प्रोटीन से हो आ रहा होता है इसी वजह से इसे लीन प्रोटीन का सोर्स माना जाता है।

मतलब लीन प्रोटीन फूड्स में सिर्फ प्रोटीन ही होता है और कार्ब्स फैट्स कम से कम मात्रा में होते है।

  • अंडा : जब मैने अंडा का न्यूट्रीशन वैल्यू पता किया तो पाया 1 अंडे में 6 ग्राम प्रोटीन, 0 ग्राम कार्ब्स और 5 ग्राम फैट होता है इसीलिए लगभग इसे लीन प्रोटीन का सोर्स कहा जाता है बस हेल्थी फैट थोड़ा होता है वह भी प्रोटीन से कम ही होता है।
  • दूध : यहां पर जब मैने Toned मिल्क का न्यूट्रीशन चेक किया तो पाया कि इसके 500ml में 15 ग्राम फैट 24 ग्राम तक का कार्ब्स और 17 ग्राम तक प्रोटीन होता है इस वजह से इसे लीन प्रोटीन कहना इतना अच्छा नहीं है लेकिन सभी चीजें ठीक ठाक मात्रा में है।
  • मांस : मेरी तरह अगर आप अलग अलग मांस का न्यूट्रीशन वैल्यू चेक करेंगे तो पाएंगे कि 100 ग्राम मांस ने अच्छा खासा प्रोटीन लगभग 20 से 25 ग्राम तक के होता ही है वहीं पर फैट भी होता है लेकिन प्रोटीन से कम लगभग 10 से 15 ग्राम के आस पास वही पर कार्ब्स इसमें 0 ग्राम होता है इसे लिए इसे लीन प्रोटीन का सोर्स कह सकते है।
  • दाल : दाल का न्यूट्रीशन वैल्यू 100 ग्राम देखकर मुझे Surprising लगा क्योंकि सभी तरह के दाल जैसे मूंग दाल, अरहर दाल, चना दाल इत्यादि के प्रति 100 ग्राम में 20 से 25 ग्राम तक का प्रोटीन होता है वहीं पर कार्ब्स लगभग 60 से 70 ग्राम तक का होता है वहीं पर फैट 1 से 6 ग्राम तक का होता है यहां पर डाल में 60 से 70 प्रतिशत कार्ब्स होता है और मात्र 20 से 25 प्रतिशत प्रोटीन होता है इस पोषण संरचना को देखते हुए, दालों को आमतौर पर लीन प्रोटीन की श्रेणी में नहीं रखा जाता, क्योंकि इनमें प्रोटीन के साथ-साथ कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है। फिर भी, ये ऊर्जा और पौधे-आधारित पोषक तत्वों का एक महत्वपूर्ण स्रोत हो सकती हैं।

अंत में क्या पता चला?

इन सभी बिंदुओं को समझने के बाद यह स्पष्ट होता है कि प्रोटीन की “क्वालिटी” कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे एमिनो एसिड प्रोफाइल, DIAAS स्कोर और मैक्रोन्यूट्रिएंट अनुपात। कुछ मापदंडों पर दालें उच्च-गुणवत्ता लीन प्रोटीन की श्रेणी में नहीं आतीं, लेकिन वे संतुलित आहार में सहायक भूमिका निभा सकती हैं। प्रोटीन स्रोत का चुनाव व्यक्ति की आवश्यकताओं और संपूर्ण आहार संरचना पर निर्भर करता है।

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Disclaimer – इस वेबसाइट पर दी गई स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से दी गई है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी आहार, व्यायाम, दवा या सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले कृपया योग्य डॉक्टर या हेल्थ प्रोफेशनल से सलाह अवश्य लें।

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