Fat Loss Journey में सहायक आदतें

कुछ लोगों के लिए लिए जो की शरीर मे हाई फैट बॉडी जूझ रहे है उसके लिए फैट लॉस करना एक काफी मुश्किल टास्क हो सकता है क्योंकि इसमे खाने को ही कंट्रोल करना ही नहीं बल्कि काफी सारी चीजे शामिल हो सकती है जिसका की ध्यान रखना पड़ता है ऐसे मे कुछ व्यक्ति जो की हाई बॉडी फैट से पहले ही परेशान है उसके इन सभी चीजों को लंबे समय तक कर पाना मुश्किल हो सकता है और वह अपने फैट लॉस के सफर मे हार मानने के मूड मे आ सकते है।

क्योंकि फैट लॉस के दौरान ऐसा भी समय आ सकता है जब हमें फैट लॉस संबंधित रिजल्ट्स मिलने बंद हो सकते है कुछ समय के लिए तब इसी समय हमें धैर्य रखकर आगे बढ़ना मददगार साबित हो सकता है साथ मे उस समय हम कुछ चीजों को अपनाकर कुछ लोगों के लिए अपनी Fat Loss Journey को आसान बना सकते है जिन सभी में से कुछ चीजों को मैने खुद पर भी अपनाया है और मुझे व्यक्तिगत रूप से रिजल्ट्स मिले है जो कि व्यक्ति विशेष पर भी निर्भर हो सकता है हम इस लेख मे इन चीजों को अच्छे से समझाएंगे जिसे अपनाने से व्यक्ति विशेष को फैट लॉस में मदद मिल सकती है।

कौन सी चीजें Fat Loss Journey में मदद कर सकती है?

फैट लॉस में फिटनेस एक्सपर्ट्स के अनुसार कैलोरी डेफिसिट डाइट फॉलो करना कुछ लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है अर्थात कैलोरी डेफिसिट मतलब जितनी कैलोरी का भोजन करना चाहिए उससे कम कैलोरी लेना जिससे की शरीर एनर्जी के लिए हमारे शरीर मे जमा हुए फैट को उपयोग मे ला सकता है जिससे की कई लोगों का शरीर का फैट कम होता है यह जरूरी नहीं है यह व्यक्ति विशेष पे भी निर्भर करता है।

वही पर अगर आप इन चीजों को हेल्थी डाइट के साथ अपनाते है तो फैट लॉस में मदद मिल सकती है।

7000 से 10000 कदम रोज चलना

संतुलित मात्रा में चलना चलना शरीर के लिए अच्छा हो सकता है इससे कुछ लोगों के शरीर मे सकारात्मक बदलाव भी हो सकते है, यह फैट लॉस में सकारात्मक रूप से मदद कर सकती है अगर कोई भी व्यक्ति जो फैट लॉस कर रहा है वह दिन मे अपने स्वास्थ्य सलाहकार के राय अनुसार 7000 से 10000 कदम रोज चलना शुरू कर सकता है। अगर आप 10000 स्टेप्स रोज चलते है तब इससे कैलोरीज एक्स्ट्रा बर्न करने में मदद मिल सकती है जो की फैट लॉस मे मदद कर सकता है कितना कैलोरीज कितना कदम चलने पर बर्न होगी यह ऊंचाई और वजन पर और व्यक्ति विशेष एवं कई चीजों पर होता है लेकिन यह तो है अगर आप कम से कम 7000 स्टेप्स ही चलते है तब उससे कैलोरिज बर्न होने में मदद मिल सकती है।

ऐसा करने से एक्स्ट्रा कैलोरी डेफिसिट बन सकता है जो की आपको फैट को लॉस करने मे काफी मदद कर सकता है और यह कुछ लोगों के लिए काफी आसान और कुछ लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है। Brazilian Journal of Physical Therapy जर्नल में प्रकाशित शीर्षक Effects of 10,000 steps a day on physical and mental health in overweight participants in a community setting (2016) स्टडी में वयस्क लोगों को चुना गया जो की कम कदम चलते थे इन्हे 12 हफ्ते तक 10000 स्टेप्स पूरा करने को कहा गया फिर 12 हफ्तों के बाद इनके वजन, बॉडी फैट मे कमी पाई गई थी यहाँ तक मानसिक स्थिति मे काफी हद तक सुधार हुआ था। जो कि व्यक्ति विशेष पर भी निर्भर हो सकता है।

प्रोटीन इंटेक बढ़ाना

फैट लॉस मे प्रोटीन एक ऐसा पोषक तत्व है जो की आपको सबसे ज्यादा मदद कर सकता है क्योंकि यह फैट लॉस के दौरान मसल को बचाने में मदद कर सकता है जिससे शरीर ताकत बने रहने में मदद मिल सकती है, इससे व्यक्ति विशेष के हिसाब से शरीर का मेटाबोलिज़्म बढ़ सकता है और इसके अलावा प्रोटीन कुछ लोगों में देर से पचता है जिसे भूख कम लग सकती है और इन सभी से फैट लॉस मे मदद मिल सकती है इसीलिए फैट लॉस मे प्रोटीन इंटेक को संतुलित रखना फायदेमंद हो सकता है।

Clinical Evidence and Mechanisms of High-Protein Diet-Induced Weight Loss (2020) नामक वैज्ञानिक रिव्यू आर्टिकल जो कि Journal of Obesity & Metabolic Syndrome जर्नल में प्रकाशित किया गया था उसमें यह पाया गया कि कुछ लोगों में की कैलोरी को संतुलित रखकर प्रोटीन इंटेक बढ़ाने से बॉडी फैट कम हो सकता है, शरीर मे लिन माँस बढ़ सकता है एवं यहाँ तक मेटाबोलिज़्म मे भी सुधार हो सकता है।

कार्ब खाने का समय निर्धारित करना

कार्ब या कार्बोहाईड्रेट का समय निर्धारित करना अच्छा विकल्प हो सकता कुछ लोगों के लिए है जैसे रात के समय जब आप सोने वाले है और अधिक एनर्जी की जरूरत नहीं है तब हाई कार्ब मील खाते है तब यह कुछ लोगों में फैट लॉस को स्लो कर सकता है । कार्बस् जरूरी हो सकते है लेकिन इसे सही समय मे खाना जरूरी हो सकता है जैसे वर्काउट करने से कुछ समय पहले हाई कॉम्प्लेक्स कार्ब वाले भोजन कर सकते है जिससे की ये कार्बस आपको वर्काउट करने के लिए एनर्जी प्रदान करेंगे और आप वर्काउट अच्छे करने में मदद मिल सकती है।

जैसे की Scientific Reports जर्नल में प्रकाशित The effect of diurnal distribution of carbohydrates and fat on glycaemic control in humans: a randomized controlled trial (2017) नामक यह एक अध्ययन जो की कार्बस की टाइमिंग पर ध्यान देने को कहता है एवं इससे यह निष्कर्ष निकल सकता है की कार्बस को दिन या रात मे कार्बस लिया जाए तो वह शरीर मे ग्लूकोज के स्तर और मेटाबोलिज़्म मे प्रभाव डाल सकता है।

स्ट्रेस को कंट्रोल करना

स्ट्रेस हमारे शरीर के लिए सबसे खराब चीज है यह हर तरीके से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है लेकिन फैट लॉस के दौरान स्ट्रेस और भी हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाता है स्ट्रेस लेने से शरीर मे Cortisol का स्तर बढ़ता है जो की एक स्ट्रेस हार्मोन है इससे शरीर मे और भी बढ़ सकता है और की लोगों का फैट लॉस इसी वजह से स्लो हो जाता है इसीलिए फैट लॉस के दौरान स्ट्रेस न ले ये आपको आपके फैट को बर्न करने मे भी मदद करेगा।

Obesity Reviews (Obes Rev) जर्नल में पब्लिश Does stress influence sleep patterns, food intake, weight gain, abdominal obesity and weight loss interventions and vice versa? (2017) नामक रिव्यू आर्टिकल में यह पाया गया कि किस तरह से तनाव यानि स्ट्रेस और खराब नींद से भूख बढ़ सकता है जिससे कुछ व्यक्ति में कम पौष्टिक ज्यादा कैलोरी वाले खाने का मन कर सकता है एवं यह स्ट्रेस और नींद की कमी किस तरह से व्यायाम करने के प्रेरणा मे कमी ला सकता है कुछ लोगों में।

Disclaimer – इस वेबसाइट पर दी गई स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से दी गई है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी आहार, व्यायाम, दवा या सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले कृपया योग्य डॉक्टर या हेल्थ प्रोफेशनल से सलाह अवश्य लें।

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